पंचकूला 28 जनवरी 2021: उर्जा संरक्षण के लिए पेशेवरों को जागरूक करने के उद्देश्य से नवीन तथा नवीकरणीय उर्जा विभाग, हरियाणा एवं हरियाणा उर्जा विकास एजेंसी( हरेडा) द्वारा उर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के सहयोग से सेक्टर – 1 कॉलेज में उर्जा संरक्षण भवन कोड – 2017 विषय पर आज दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अर्चना मिश्रा ने किया। उन्होंने उर्जा संरक्षण  पर कहा कि समय के साथ उर्जा की खपत बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में हम सभी को इसके सरंक्षण के साथ ही नवीकरणीय उर्जा स्त्रोतों से उर्जा प्राप्त करने पर विशेष प्रयास करने चाहिए।

हरियाणा उर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) के प्रोजेक्ट मैनेजर सुखचैन सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ऊर्जा संरक्षण आज की जरूरत है। उर्जा संरक्षण के माध्यम से ही जलवायु परिवर्तन में कमी संभव है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर एवं पंजाब उर्जा विकास एजेंसी के प्रोजेक्ट इंजीनियर मनी खन्ना ने कहा कि भारत में पश्चिमी देशों की तर्ज पर इमारतों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षक बनाने का प्रयास रहता है बजाय उर्जा दक्षता के। आज प्राकृतिक जंगलों के स्थान पर कंक्रीट के जंगल बढ़ते ही जा रहे हैं। लोगों की उर्जा जरूरतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के कारण जलवायु परिवर्तन में तेजी आयी है। ऐसे में, उर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन को कम करने के  लिए उर्जा संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नेट जीरो एनर्जी बिल्डिंग उर्जा संरक्षण के साथ ही प्रकृति अनुकूल हैं।

रिमोट से उपकरण बंद करने से बिजली की खपत नहीं होती कम

घरों में उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के द्वारा होने वाली उर्जा खपत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि रिमोट से उपकरण बंद कर दिया तो बिजली की खपत नहीं होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। बिजली की खपत को कम करने के लिए हमें उपकरणों को स्विच से बंद करने के साथ ही उर्जा दक्षता ब्यूरो से बेहतर उर्जा दक्षता रेटिंग प्राप्त उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में उर्जा संरक्षण भवन संहिता सलाहकार अंकुर पटियाल की भी उपस्थित रही।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेक्टर – 1 कॉलेज के प्राध्यापकों समेत लोक निर्माण विभाग (सड़के एवं पुल) के अनुविभागीय अधिकारियों एवं कार्यपालिक अभियंताओं ने भाग लिया।। कार्यक्रम का संचालन अनुराधा गांधी ने किया। तकनीकी सहयोग दीपक पराशर का रहा।

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